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Priya Kuriyan, the illustrator-writer of this book has woven a tale around an unusual pair of heroines – a sharp and brave rural policewoman and a music-loving buffalo. Beauty, the buffalo goes missing, and Jincy, the policewoman gets down to work to find her. The beautiful illustrations tell half the story, and the tightly written text conveys the rest, subtly and hilariously. This book is a treat for both early readers as well as older children.
ऐसी कितनी ही कविताएं और गीत हैं जो बचपन में खेल का अनिवार्य हिस्सा रही हैं। टके थे दस भी उन्हीं में से एक है। लेकिन इसमें लोकगीत की खुशबू है। उलटी गिनती में चलने वाला ये गीत अपने हर अंक में एक मस्ती समेटे हुए है। इसमें लोक जीवन की हंसी ठिठोली है और रोज़मर्रा के जीवंत चित्र हैं। सेठ जी का पात्र हमें उन सब चरित्रों से मिलवाता है जो कहीं छुपे रहते हैँ और दृश्य बनकर आते हैं।
जुगनू भाई एक चित्रांकित कविता है जिस में एक जुगनू और अन्य कीड़ों की रात में मुलाकात होती है। किताब में खूबसूरत रंगीन चित्र हैं जो रात के दृश्य को एक अलग अंदाज़ में पेश करते हैं। छोटे बच्चों के लिए यह बहुत ही उचित किताब है। कविता के शब्द और चित्र मिलकर एक सौम्य और अनूठा अनुभव देते हैं। चित्रों में रात का अंधेरा और उसमें हल्की-हल्की रोशनी को काले पन्नों पर अनोखे ढंग से उतारा गया है।
इस किताब में बचपन के नानारूपों को रंगों और कूची से उकेरा गया है। जिनमें रोना-हँसना, घूमना-फिरना, चलना-चलाना, देखना-दिखाना के साथ ही रचना, कल्पनाओं व मस्ती के भावपूर्ण रंग हैं। दुनिया एक बच्ची है और उसकी अपनी एक दुनिया है किताब में। कविता बहुत आकर्षक है जिसमें कई बिंब और कल्पनाएँ उभरती हैं। बहुत कुछ कहते बेहतरीन चित्रों और विचारशील कविता की जुगलबंदी से बनी एक न्यारी चित्र पुस्तक। उत्कृष्ट आकल्पन और प्रस्तुति इसे और भी सुन्दर बनाती है।
यह चित्र कथा एक मेले में अम्मा के खोने, और बच्चे द्वारा अम्मा को तलाशने की कहानी है। यह कहानी मेले के बहुरूप चित्रों के माध्यम से मेले का विस्तृत व बहुसांस्कृतिक परिवेश गढ़ती है। अम्मा को खोजते बच्चे का कुछ सोचना और फ़िर भागकर महिला पुलिस से पूछना ‘क्या आपने इस मेले में एक ऐसी अम्मा को देखा, जिसके पास मेरे जैसा बच्चा नहीं है?’ सवाल से बच्चे की त्वरित सूझबूझ और सहज भोलेपन का जो रूप उभरता है, वह इसे एक दिलचस्प व नायाब रचना बनाता है।
एक नन्ही किताब जिसमें बहुत ही सरलता से एक चींटी की कहानी पिरोई गई है। जैसे बच्चे अक्सर चींटियों की कतार के पीछे-पीछे चलते हैं, वैसे ही लेखक और चित्रकार हमें एक अकेली चींटी के साथ सैर कराते हैं। इस किताब के ज़रिये मिलिए एक ऐसी चींटी से जो कई मुश्किलों का सामना करती है और अपने साहस के बल पर एक नया रास्ता खोजती है। एक अनोखी किताब जो बच्चों और वयस्क पाठकों का मन जीत लेगी।
The book offers an introduction to the English alphabet. It is thoroughly enjoyable as it also shows lesser-known animals of India and in their natural habitats. It places content in context and helps children become familiar with animals that live in our country. The rhyme, illustrations and colour palette offer vibrant visuals that will get children hooked.
Most children love stories about monsters and, in this book, they encounter many kinds. The story is about a journey of being free of fear. What makes the book even more interesting is that Yumum, who encounters various monsters, remains unperturbed. The captivating illustrations support the text, lets the child’s imagination run wild and brings the adorable yet strange creatures alive.