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ये कव्वे काले-काले!

यह एक कविता है जो कथा कहती है। कथा यह है कि एक ज़माने में कौवे अनेक रंगों के होते थे। एक बार उन्होंने कचहरी में वकीलों को बहस करते और झगड़े सुलझाते देखा। वे सब काले कोट पहने हुए थे। तब कौवों को सूझा – क्यों न वे भी ऐसे ही वकील बनें और पक्षियों के झगड़े सुलझाएँ। और तब से उन्होंने काले कोट डाल लिए – यानी कौवे काले हो गए।

यह मज़ेदार बात आसान भाषा में, छोटी-छोटी पंक्तियों में कही गई है, जहाँ शब्दों की चुहलबाज़ी देखते ही बनती है। प्रयोगशील चित्रांकन तथा लय-तुक के कमाल से सजी यह कविता-कथा अनुपम कृति है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar Alan Shaw

पहेलियाँ

ये पहेलियाँ सबके लिए हैं क्योंकि इनका हल सबके बूते का नहीं। यह एक चित्र-पुस्तक सरीखी है क्योंकि शब्दों से कहीं ज़्यादा जगह पूरे पन्नों पर फैले चित्रों को मिली है जिनकी रेखाएँ और रंग पहेलियों को पहेली भी बनाए रखते हैं और उनके उत्तर का संकेत भी करते हैं। परम्परागत पहेलियों की शैली का अनुसरण करती भाषा पढ़ने-सुनने वाले को परेशान हाल छोड़ती है। दिमाग़ और कल्पना को तेज़ करने के लिए पहेलियों से बढ़कर कुछ भी नहीं और इसीलिए पहेलियों की ज़रूरत हमेशा बनी रहती है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar Alan Shaw

घड़ी-घड़ी

एक मिनट में कितने सेकंड होते हैं? ऐसे ही छोटे-छोटे सवालों से शुरू होकर यह कविता समय को एक नई तरह से खोलती है। इसमें जिज्ञासा, कल्पना और भाषा का खेल है, और साथ ही रोज़मर्रा की बातचीत का मज़ा भी है। भाषा हल्की-फुल्की और आकर्षक है। किताब के चित्र कविता के खेल-भरे मूड को और बढ़ा देते हैं। यह कहानी-सी कविता बच्चों और बड़ों-दोनों के लिए साथ में पढ़ने का अच्छा मौका देती है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar Alan Shaw

हकीम अण्टा गफील

इस आकर्षक किताब में हकीम साहिब एक गुज़रे ज़माने की तहज़ीब से हमारा परिचय करवाते हैं। उनका घोड़ा सुंदर और अक्लमंद है और हकीम साहिब को गाँव में सही जगह ले जाता है।

उर्दू में बाल-साहित्य की याद दिलाने वाली यह कविता–किस्सागोई की ताज़गी, हास्य के हल्के छींटों और बेहतरीन चित्रों के माध्यम से आपको बराबर अपनी दुनिया में खींच लेती है। संवाद की गुंजाइश हर पन्ने पर मौजूद है। बेहतरीन चित्र और डिज़ाइन वाइट स्पेस का खूबसूरती से इस्तेमाल करते हैं। रंग, लाइट और शेड का प्रयोग मनमोहक है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar Alan Shaw

पूँछ

पूँछ के ऊपर इस मनोरंजक कविता में बंदर, लंगूर, बिल्ली, नीलगाय, शेर और आदमी—सब शामिल हैं। गुलज़ार की चुटीली भाषा हो और हँसता-चिलखता मिसप्रिंट का इस्तेमाल डिज़ाइन में बड़े प्रयोगात्मक और आकर्षक ढंग से किया गया हो, तो कौन है जो इस किताब को चुनना, पढ़ना और गुनगुनाना न चाहेगा।

चित्रों में गणितीय संरचना और बारीक काम का सुंदर प्रदर्शन है। वाइट स्पेस का प्रभावशाली उपयोग आँखों को घूमने और दिमाग़ को सोचने की गुंजाइश देता है। ऐसी चित्र-पुस्तकें सुकून देती हैं।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar Alan Shaw

जब धूप भी हो और बारिश भी

“जब धूप भी हो और बारिश भी” वाली मज़ेदार कहावत हम सबने बचपन में सुनी है – और इसी को गुलज़ार ने अपनी कल्पना से और भी दिलचस्प बना दिया है। यह प्यारी-सी कविता धूप, बारिश और गीदड़ों की दुनिया को नए रंगों में दिखाती है। भाषा में खेल और संप्रेषणीयता है – हल्की-सी शरारत, लय और ताज़गी के साथ।

चित्र नाटकीय, बोल्ड और बेहद व्यंजक हैं। डबल-स्प्रेड पर फैला स्पेस धूप-बारिश का पूरा मौसम रच देता है। गीदड़, हाथी और बाकी जीव इतने जीवंत दिखते हैं कि लगता है जैसे कहानी पन्नों से बाहर आ रही हो।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar Priya Kuriyan

ऊटपटांग

ऊटपटांग: जैसा कि शीर्षक से ही स्पष्ट है, यह किताब बेतुकी या नॉनसेंस कही जाने वाली कविताओं की बेहद मज़ेदार किताब है। यह एक टाँग वाले मुर्ग़े से शुरू होकर तुक की ज़रूरत के मुताबिक़ इस तरह बनती चलती है कि इसे एक अखंड कविता की तरह भी पढ़ा जा सकता है और कविता-श्रृंखला की तरह भी। बेमेल चीज़ें कल्पना-लोक में सहज ही घुलमिल जाती हैं। इसकी लय लोकगीतों या बुझौवल की याद दिलाती है और भाषा का खेल देखते ही बनता है। चित्रांकन कविताओं को साकार करते हुए उन्हें विस्तार भी देता है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Gulzaar World Frieda Shaw and Alan Shaw

Agar Magar

यह किताब, बच्चों के कल्पनाशील और अचरज भरे ढेर सारे सवालों और गुलज़ार के उतने ही अलबेले और मज़ेदार जवाबों की बानगी प्रस्तुत करती है। एक तरफ़ सवालों में बच्चों का सहज उत्सुकताबोध दिखाई देता है तो दूसरी ऒर जवाबों में वैसा ही विस्मयबोध। सवाल-जवाब के भावों में पगे सादगी भरे चित्र इसे और भी पठनीय और दिलचस्प बनाते हैं। प्रस्तुति और आकल्पन में एक तरह का खुलापन और खिलापन है जो पढ़ने वाले को ख़ुशी और सोचने का अवसर मुहैया कराते हैं। एक अनुपम किताब।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2022 Gulzaar Allen Shaw