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School mein Seekha aur Sikhaya
यह छोटी-सी किताब अंग्रेजी माध्यम में पढ़नेवाले कई बच्चों की आपबीती हो सकती है । छोटे- बड़े गाँव शहरों में अभिभावक बड़े उम्मीदों से से बच्चे को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में दाखिल करते हैं, पर ज़्यादातर बच्चों के लिए भाषा अपरिचित होने के कारण पढ़ाई कठिन और नीरस हो जाती है। यह किताब गोंड बच्चों के माध्यम से, इसी समस्या को उजागर करती हैं।यह श्रृंखला सरल भाषा,सहज प्रस्तुति और सार्थक प्रयास का उदाहरण है , जिसपर छात्र और शिक्षकों के बीच चर्चा निहायत जरुरी है ।
मुस्कान’ संस्था की बहुत ही सरल और छोटी सी दिखने वाली यह किताब अति संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित है। आज जब इंसान ने सभी जीवों की जगह हथिया ली है, यह कहानी इस नज़रिये को प्रस्तुत करती है कि यह धरती दूसरे जीवों की भी है। हम अनजाने में ही उनके घर और क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे होते हैं। छोटी सी यह कहानी आदिवासी जीवन और लैंगिक समानता को भी बड़ी सहजता से प्रस्तुत कर देती है।
यह छोटी सी कहानी एक अनोखे फॉर्मेट में प्रस्तुत की गयी है ,जो नए पाठकों को आकर्षित करेगी। चार चींटियां जो एक हाथी को पहाड़ मानकर मुश्किलों का सामना करती, उस पर चढ़ जाती हैं, और सब से छोटी तो चोटी पर जा पहुँचती हैं। ख़ास बात यह है कि वह एक सकारात्मक बात, बहुत ही कम और सीधे सादे शब्दों में, बच्चों के सामने रख जाती है। किताब की दुनिया से बच्चों की दोस्ती कराने वाली किताब।