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Blog Archives

हवा मिठाई

Posted on by parag

” किताब में आम इन्सान के जीवन में रची बसी चीजों हवा, जल, मिटटी, आलू , साइकिल, मिर्ची आदि के बारे में नायब और अनसुनी बातें हैं I जो ललित निबन्ध सा आनन्द देते है। लेखक इन चीजों को अपनी अनोखी व बारीक नज़रों से देखते और अभिभूत करते हैं। चीजों को नज़दीक से देखने […]

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भाई तू ऐसी कविता क्यों करता है

Posted on by parag

किताब की कविताएँ बच्चे के हाथ लगे किसी नए खिलौने जितना ही मजा देती हैं। बच्चे उन्हें उछालकर, घुमा फिरा कर, आगे-पीछे फेंककर और उनमें झाँककर कैसे भी खेल सकते हैंI I कविताओं के विषय और उनका अंदाजेबयाँ बेहद अनूठा हैI अर्थपूर्ण तुकबन्दियाँ, कल्पनाओं की निरंतरता, सुन्दर लयकारी, कविता में कहानी कहने का सलीका और […]

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क्या तुम हो मेरी दादी ?

Posted on by parag

परिवार में मौत जैसी दुःखद घटना बच्चों के मन पर गहरा असर डालती है। उसका सामना और भी मुश्किल हो जाता हैं क्योंकि अक्सर, परिवार के बड़े इस विषय पर बच्चों से बात नहीं करते और आसपास का वातावरण ग़मगीन होने के कारण बच्चों के मन में उठते सवाल और डर दबे -दबे से रह […]

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