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चार चींटियाँ

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यह छोटी सी कहानी एक अनोखे फॉर्मेट में प्रस्तुत की गयी है ,जो नए पाठकों को आकर्षित करेगी। चार चींटियां जो एक हाथी को पहाड़ मानकर मुश्किलों का सामना करती, उस पर चढ़ जाती हैं, और सब से छोटी तो चोटी पर जा पहुँचती हैं। ख़ास बात यह है कि वह एक सकारात्मक बात, बहुत […]

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भूलभुलैया

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“एकलव्य की पत्रिका चकमक के कॉलम ‘माथापच्ची’ में छपी गतिविधियों का सुविचारित संकलन है। इनमें पहेलियाँ, भूलभुलैया, सुडोकू, छुपनछुपाई, अन्तर खोजो और माथापच्ची के सवाल शामिल हैं। पहेलियाँ ,बच्चों और बड़ों को मजेदार दिमागी खेलों के साथ खेलते हुए समस्याओं और सवालों से जूझने व सुलझाने, चीज़ों को बारीकी से देखने और तलाशने, तर्क वितर्क […]

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मेरा खच्चर डण्डा है

Posted on by parag

देश के अलग अलग प्रदेशों से आनेवाले बच्चों द्वारा लिखी गयी चुनिंदा कविताओं का यह खुशमिजाज संकलन हर स्कूल की लाइब्रेरी में होनी चाहिए। सभी कविताएं बेहद सहज और सरल हैं ,खूबसूरत चित्रों से सजाई हुई। कविताओं के विषय आम तौर पर पाठ्यपुस्तकों में मिलनेवाली कविताओं की तरह भारी- भरकम नहीं, बच्चों की दुनिया से […]

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