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Raanu Main Kya Jaanu?

यह एक भिन्न कोटि की किताब है जहाँ कथा-संवाद की शैली में कोई अप्रचलित बात कही जाती है और वाद-विवाद के लिए प्रेरित किया जाता है। मासूम से लगने वाले सवाल पूरी व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा करते हैं। पर ये बहुत मनोरंजक भी हैं, कई बार चुटकुलों जैसे। इन्हें पढ़ते हुए उसे बच्चे की याद आ सकती है जिसने पहली बार कहा था कि राजा नंगा है। दिये गये रेखांकन भी कथानक को सजीव बनाते हैं जो लगातार स्याह कूँची से बने हैं।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2020 Asgar Vajahat Atanu Roy

Paper Chor

इन कहानियों में वर्णित चरित्र प्रायः किन्ही विनाशकारी स्थितियों से गुजरते हुए दिखते हैं। ये कहानियाँ जितना बाहरी उथल-पुथल को व्यक्त करती हैं, उतना ही चरित्रों की भीतरी मनोदशाओं, स्वप्नों, आकांक्षाओं और आशंकाओं को भी व्यक्त करती हैं। शिल्प के स्तर पर अकसर ये कहानियाँ यथार्थवादी शिल्प में शुरू होती हैं, लेकिन अकसर यथार्थवादी शिल्प का अतिक्रमण कर फंतासी में चली जाती हैं। प्रत्येक कहानी के कुछ महत्त्वपूर्ण दृश्यात्मक पहलुओं को चित्रांकन के माध्यम से उजागर किया गया है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2020 Varun Grover Chandramohan Kulkarni

Chamanlal Ke Payjame

इस संग्रह की एक यादगार कहानी है बंदरों की जल-समाधि जो मनुष्य की विकास की दौड़ में मारे गए हैं। और उनकी मृत्यु को एक बच्चे की दृष्टि से पाठक को महसूस करवाना लेखक से परिपक्वता की अपेक्षा करता है। इस किताब में ऐसा लगता है कि हर कहानी के केंद्र में जैसे लेखक का अपना ही बाल-रूपी किरदार हो। कस्बाती और ग्रामीण जीवन के जीवंत विवरण एकदम आत्मकथात्मक गल्प की विधा में धीरे-धीरे खुलते हैं और पाठक तो एक तरह का काव्य-सुख प्रदान करते हैं।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2020 Anil Singh Taposhi Ghoshal

Ghudsawar

इस किताब में तीन कहानियाँ हैं और पांच कथेतर गद्य हैं। ये गद्य मनुष्य की पाँच ज्ञानेन्द्रियों से जुड़ी गतिविधियों पर केंद्रित हैं – देखना, सुनना, स्पर्श, गन्ध और स्वाद। देखना, छूना आदि महज जैविक गतिविधियाँ नहीं हैं, बल्कि मानवीय गतिविधियाँ भी हैं। इन जैविक और मानवीय गतिविधियों पर इत्मीनान से रस लेकर विचार किया गया है। किताब में शामिल तीनों कहानियों में पारम्परिक शैली की कथाओं जैसा कथारस है, लेकिन ये कहानियाँ जीवन की कुछ गहरे अस्तित्वगत उलझनों को भी सामने लाती हैं।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2020 Udayan Vajpeyi Taposhi Ghoshal

Hau Hau Hupp

यह हिन्दी की कालजयी बाल कविताओं का अनूठा संकलन है जहाँ वे कविताएँ भी हैं जिन्हें आज के बच्चों के दादा के दादाओं ने अपने बचपन में पढ़ा था और वैसी कविताएँ भी हैं जो पहली बार किसी संकलन में प्रकाशित हो रही हैं किंतु जिन सब को आज से सौ साल बाद भी इतने ही प्यार से पढ़ा और सुना जाएगा। यहाँ भाषा और शब्दों के खेल हैं, तुकों की अप्रत्याशित बंदिशें हैं और संगीत का धमाल है। आस पास का दैनन्दिन जीवन है तो आकाश पाताल की गप्पें भी। हर बच्चे, और हर सयाने, के हाथ में यह किताब होनी ही चाहिए।

Eklavya 2020 Sankalan Kanak Shashi

Chaar Chatore

यह छोटी-छोटी कविताओं का संग्रह है जिन्हें एक ही कवि ने लिखा है। यह बहुत प्यारी कविताओं का संग्रह है जो आस-पास के विषयों को आधार बनाकर रची गई हैं। छंदोबद्ध हैं और लय इतनी सरल कि तुरंत कंठस्थ हो जाएँ। ऐसी निर्दोष कविताएँ कम देखने को मिलती हैं। चित्रांकन भी प्रभावकारी है और कविता की संगत करता है। इन कविताओं की एक खूबी उनकी भाषा का कौतुक भी है जो कल्पना को नयी उड़ान देता है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2020 Virendra Dubey Nabreena Singh

Do Behno Ki Masai Mara Yaatra

नए अनुभवों से गुजरने के लिए और नई-नई खोजों के लिए व्यक्ति का स्वतंत्र होना जरूरी है। यात्रा की बेहतर कहानियाँ अप्रत्यक्ष रूप से ‘स्वतंत्रता’ को एक मूल्य के तौर पर प्रतिष्ठित करती हैं। इस दृष्टि से यह किताब बहुत महत्त्वपूर्ण है। आमतौर पर औरतें जब यात्रा पर निकलती हैं तो परिवार के साथ निकलती हैं जिसमें पुरुष होते हैं और पुरुष ही यात्रा का नेतृत्व करते हैं। इस किताब में जिन यात्रियों का विवरण है वे बिना किसी पुरुष को साथ लिए इस यात्रा पर निकल जाती हैं। इस तरह यह हौसला देने वाली और इस वर्ष की महत्त्वपूर्ण किताब है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2020 Kamla Bhasin Beena Kaak

Bakri Ki Cycle

यह भी एक अनूठी किताब है। इसे खुद बच्चों ने तैयार किया है। बातें भी उनकी हैं और साथ के चित्रांकन भी उनके या उनके साथियों के। ये कहानियाँ इस अर्थ में हैं कि इनमें कुछ न कुछ घटता है और खुद उनके साथ या उनके साथ के लोगों के साथ घटता है। ये अपने जीवन की सच्ची कहानियाँ हैं जिनमें कई तरह के खट्टे मीठे अनुभव हैं, फ़सल कटाई से लेकर स्टेशन पर खोने और अपनी भैंस की कहानी भी। ये पढ़ने वाले के भीतर प्रेम, दुलार और सच्चाई के भाव विकसित करती हैं।

Eklavya 2020 Writings by Children Illustrations by children

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