Loading...
इस किताब में हिन्दी के अद्वितीय कवि नवीन सागर की ढेर सारी कविताओं का अनूठा संकलन है। इन कविताओं में वह सब कुछ है जो बचपन के इर्द गिर्द होना चाहिए। कल्पनाओं की उड़ान, रिश्तों की गर्माहट और संवेदनाएँ हैं। बच्चों की शैतानियाँ और हिदायतें हैं। उनकी आज़ादी, उत्सुकता, खिलंदड़पन और भाषा व शब्दों के खेल हैं। और यह सब कुछ बच्चों और बड़ों के आसपास के जीवन सन्दर्भों से लेकर पिरोया हुआ है। कविता दादाजी नाराज़ है मानवीय संवेदनाओं की मर्मस्पर्शी बानगी प्रस्तुत करती है।
Bhai Tu Aisi Kavita Kyun Karta Hai
किताब की कविताएँ बच्चे के हाथ लगे किसी नए खिलौने जितना ही मजा देती हैं। बच्चे उन्हें उछालकर, घुमा फिरा कर, आगे-पीछे फेंककर और उनमें झाँककर कैसे भी खेल सकते हैंI I कविताओं के विषय और उनका अंदाजेबयाँ बेहद अनूठा हैI अर्थपूर्ण तुकबन्दियाँ, कल्पनाओं की निरंतरता, सुन्दर लयकारी, कविता में कहानी कहने का सलीका और सिलसिलेवार बतियाने का तरीका नायब है। कुछ कविताओं में से झाँकती मुस्कुराहटें, खुशियाँ और मस्तियाँ दिलचस्प हैं। कविता ‘एक कहानी कहनी है’ बार-बार गुनगुनाने का मन करता है। चित्र कल्पनाओं में नए रंग भरने और बातचीत के मौके बनाते हैं।
देश के अलग अलग प्रदेशों से आनेवाले बच्चों द्वारा लिखी गयी चुनिंदा कविताओं का यह खुशमिजाज संकलन हर स्कूल की लाइब्रेरी में होनी चाहिए। सभी कविताएं बेहद सहज और सरल हैं ,खूबसूरत चित्रों से सजाई हुई। कविताओं के विषय आम तौर पर पाठ्यपुस्तकों में मिलनेवाली कविताओं की तरह भारी- भरकम नहीं, बच्चों की दुनिया से जुड़े हुए हैं इसलिए वे बच्चों को जरूर पसंद आएंगी । बच्चों को कविताओं और किताबों की दुनिया से ख़ुशी -ख़ुशी जोड़नेवाली किताब, बेहद आकर्षक प्रस्तुति!
यह छोटी सी कहानी एक अनोखे फॉर्मेट में प्रस्तुत की गयी है ,जो नए पाठकों को आकर्षित करेगी। चार चींटियां जो एक हाथी को पहाड़ मानकर मुश्किलों का सामना करती, उस पर चढ़ जाती हैं, और सब से छोटी तो चोटी पर जा पहुँचती हैं। ख़ास बात यह है कि वह एक सकारात्मक बात, बहुत ही कम और सीधे सादे शब्दों में, बच्चों के सामने रख जाती है। किताब की दुनिया से बच्चों की दोस्ती कराने वाली किताब।