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पाथरूट का लक्ष्या: कौन हैं लक्ष्मण गायकवाड़?

यह किताब लक्ष्मण गायकवाड़, एक ‘आपराधिक’ घोषित जनजातीय समुदाय से आए लेखक के जीवन को गैर-रेखीय और संवेदनशील ढंग से सामने लाती है। कहानी उनके बचपन की घटनाओं को बच्चों के सवालों के साथ बुनती है, जिससे उनका सफ़र और भी साफ़ उभरता है। स्कूल में झेली गई ज़िल्लत, ग़रीबी, काम, आंदोलन और लिखने की ओर उनके सफ़र को बच्चों के सवालों के साथ बुनते हुए, यह पुस्तक हाशिये पर धकेले गए समुदायों के अनुभवों को महत्त्व देती है और बच्चों के साहित्य में नई आवाज़ों के लिए जगह खोलती है।

Room to Read 2024 Neetu Yadav Bhargav Kumar Kulkarni

गाँठ

बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के बाद भोपाल शहर में देश के अन्य भागों की तरह साम्प्रदायिकता के नाग ने फन उठाया। गाँठ में लिखित विवरणों के बीच मौखिक बयान भी दर्ज किये गए हैं। इसमें एक स्वाभाविक आपसदारी के छिन्न भिन्न होने के प्रत्यक्ष साक्ष्य मिलते हैं। ऐसी हिंसा के तुरत और दूरगामी प्रभाव एक समाज को ऐसे तोड़ते हैं कि दोबारा शुरुआत के बाद भी एक गाँठ बनी रहती है।

काले सफ़ेद रेखा चित्रों से अलग लोगों की आवाज़ों को डिज़ाइन और चित्रों के माध्यम से ऐसे पेश किया गया है कि उनकी सच्चाई झलकती है। चित्र बहुत सी सूक्ष्म दृष्टि से आम ज़िन्दगी के उन पहलुओं को पकड़ते हैं जो साम्प्रदायिकता की हिंसा में ध्वस्त होते हैं।

Muskaan 2024 Rubina Khan, Lata Sangde, Maya Maurya Shayoni Das

एक शहर एक पहाड़ एक मोहल्ला

यह किताब खिचड़ीपुर मोहल्ले और वहाँ के बाशिंदों का एक सजीव दस्तावेज़ है—उनकी ही आवाज़ में। किरदार, उनके दुख–सुख और रोज़मर्रा की बयानगी बिना किसी परत या सजावट के सामने आती है। गाज़ीपुर के कूड़ा पहाड़ के पास बसे रिहायशी इलाके में रहने वाले बच्चों की नज़र से शहर, मोहल्ला और उसका सामाजिक-सांस्कृतिक जगत खुलता है। लेखकों की विशेषता यह है कि वे अपने ही परिवेश से दूरी बनाकर उसे साफ़, बारीक और ईमानदार ढंग से रेखांकित करते हैं।

Eklavya 2024 Ankur Writers Collective Alan Shaw

सात पत्तों वाला पेड़

यह किताब एक सप्तपर्णी के पेड़ से लेखक का संवाद है जिसमें पेड़ के अंदर होने वाली क्रियाओं के ऊपर लेखक अपनी कल्पना-शक्ति से बहुत से रंग और खुशबुएँ भरता है।

पेड़, धूप, खुशबू, कीड़े आदि का प्रभावपूर्ण मानवीकरण है जो उन्हें सम्मान की भूमिका में रखते हुए पाठक के लिए एक जुड़ाव बनाता है। पेड़ के साथ अनेक प्राणियों के अंतरंग संबंधों से पर्यावरण में परस्पर निर्भरता और मनुष्य का इसमें एक हिस्सा होना बख़ूबी निकल के आता है। मात्र आठ पन्ने की किताब में चित्रांकन की कई शैली शामिल हैं और कवर और बैक कवर भी पूरी किताब में सुंदरता से समन्वित हैं जिससे कि इसे पढ़ने का अनुभव भरा पूरा लगता है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Sushil Shukla Taposhi Ghoshal

मेरा बचपन

‘मेरा बचपन’ एक बच्चे की कहानी है जिसके जीवन की शुरुआत कबाड़ बीनने से होती है, फिर होटल में काम, फिर अख़बार की फेरी और फिर स्कूल और पढ़ाई। और उसका मन पढ़ाई में लग जाता है। सीधी, सरल भाषा में यह मार्मिक आत्मपरक कथा प्रस्तुत की गयी है। कथा का महत्त्व इस बात को इंगित करने में भी है कि कोई भी काम छोटा या हेय नहीं होता, और यह भी कि अवसर मिलने पर कोई भी इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है। ’मेरा बचपन’ एक साधारण व्यक्ति के जीवट और स्वप्न की दास्तान है।

Muskaan 2024 Genius Pawar Swarangi Sawant

बुलबुल-ए-परिस्तान: फ़ातिमा बेगम कौन थीं?

यह कहानी सरल भाषा में बताती है कि फ़ातिमा बेगम ने कैसे हिम्मत, मेहनत और अपने फैसलों पर भरोसा रखते हुए शुरुआत के फ़िल्मी दौर में अपनी जगह बनाई।

Room to Read 2024 Nidhi Saxena Annada Menon

घर का रास्ता

कहानी के नायक का गाँव एक घना जंगल और नदी के पास है। उसे साप्ताहिक बाज़ार में घूमना अच्छा लगता है, लेकिन एक दिन बाज़ार से लौटते हुए रास्ता पकड़ने में देर हो जाती है। अधूरा अँधेरा और ताज़ा बारिश देखकर उसकी सिट्टीपिट्टी गुम हो जाती है।

इन सभी कठिनाइयों के बावजूद वह कैसे घर पहुँचता है, यही जानने के लिए यह सरल और सुंदर किताब श्वेता श्याम के चित्रों के साथ जीवंत बन उठती है।

Muskaan 2024 Indrasen Pawar Gagan Holkar

Tine and the Faraway Mountain

These short bios on the inside back cover of the book reveal that both writer Shikha Tripathi and illustrator Ogin Nayam are daydreamers. Together they have recreated the real story of young Tine Mena who worked with determination to make her dream of climbing mountains come true. Even as the story salutes Tine’s achievements, it touches your heart. It will inspire anyone who reads it, anytime.

Pratham Books 2020 Shikha Tripathi Ogin Nayam