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Art is a Voice

A powerful and complex poem that is brilliantly illustrated, this book stands as a strong critique of contemporary society. It communicates this through a series of complex illustrations, mostly abstract and in collage-form, and in pull-out ‘spread’ sheets seen through transluscent verses of the poem, as though the words reflect the deeper structures and events in society. Provocative and prospective in equal measure, this work has the quality of a musuem art show captured in a book, with minimal curatorial text.

Art1st 2024 Kripa Bhatia Kripa Bhatia

A Song From Where I Live – Pin Code 678574

Lyrically written and equally lyrically illustrated. Here is a picture book for older children – a poetic celebration of the writer’s home in Kerala. Sparingly written in short couplets, with abstract illustrations which invite interpretation, this a book which readers can savour and go back to. What does home mean to you?

The Little Dipper Publishing 2024 Smrithi Devakumar Smrithi Devakumar

लूनर सॉइल

पाँच कहानियों का यह संकलन अलग अलग प्रसंगों और अनेक चरित्रों का समावेश करता है। एक कहानी तो स्कूल के शरारत भरे दिनों की पुनर्रचना करती है जबकि भौंकने वाले कुत्ते की करुण कथा पाठक को गमगीन कर देती है। ट्रेन के सफ़र का वाकया सुपरिचित होते हुए भी अनोखा लगता है। कहानियों की भाषा सुगम है। आमफहम शब्द और मुहावरे हैं। और अलग अलग इलाक़ों और तजुर्बों का ब्योरा है। चित्रांकन की अमूर्तन प्रविधि कथा को प्रशस्त और कल्पना को उन्मुक्त करती है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Shiraz Hussain Many Illustrators

भालू का नाखून

यथार्थ, कल्पना, फैंटेसी और इंद्रजाल से बुनी ये कहानियाँ इतनी सम्मोहक हैं कि लगता है सब कुछ साक्षात घट रहा है। पहाड़ों, जंगलों के रहस्यमय संसार से लेकर क़स्बों के स्कूली वातावरण तक फैलीं ये कथाएँ जीवन के रोमांच और रहस्य का बखान हैं। चरवाहे, भेंड़ों और कुत्ते की कहानी, विचित्र भालू-नाखून की कहानी, सपनीली लड़की के लगातार बदलते जाने की हैरतअंगेज़ कहानी – सब की सब कहानियाँ परीकथाओं की तरह रोचक हैं। इनकी भाषा बेहद सर्जनात्मक है – ‘उसने खुशी के मारे जैसे खुद का ही एक चक्कर लगाया’। इसके चित्रों के कत्थई-भूरे रंगों की बहुतायत रहस्य-लोक को और भी सघन कर देती है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Rishi Sahni Rishi Sahni

बन्ता बतोले की करामाती कुर्सी

इस लम्बी कहानी में एक कुशाग्र बालक बन्तू को उसकी नई कुर्सी अलग-अलग की मजेदार कहानियाँ सुनाती है। दोपहर की लोरी जैसी ये कहानियाँ उस पेड़ के खोखल में ‘टीटू किस्सेबाज़’ नामक चिड़िया की फेंकी हुई पोटली में थीं जिस पेड़ से यह कुर्सी बनी। लोककथाओं के जादुई शिल्प में रचित यह कथा भाषा के अनेक खेलों, कल्पना-उड़ानों और अलौकिक वर्णनों से सम्पन्न है। किस्सागोई के मजे तो हैं ही, भाषा ऐसी कि सुनने वाले को जगाए रखे। ख़ास बात ये कि हर चीज़ में एक कहानी छुपी होती है बशर्ते हम उसे सुनने की कोशिश करें, जैसे कि इस कुर्सी की, पेड़ की, चिड़िया की, बगीचे की कहानी-दर-कहानी।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Rajesh Joshi Bhargav Kumar Kulkarni

नाम है उसका पाखी

यह उपन्यास कल्पनाशीलता, स्वप्नशीलता और भाषा के जादुई प्रयोगों का अद्भुत उदाहरण है। पाखी नामक बच्ची के स्वप्नों, अनुभवों पर केंद्रित यह कथा एकरैखिक गति में नहीं वरन् चक्रीय गति में चलती है, इसलिए सभी अध्यायों को ताश के पत्तों की तरह फेंटा जा सकता है और कहीं से भी शुरुआत की जा सकती है। यह एक प्रयोगशील, परन्तु ऐन्द्रिक तंतुओं से बुनी हुई कथा है जिसे चित्रों और रंगों का संयोजन अतिरिक्त त्वरा प्रदान करता है। जीवन में सबसे ज़रूरी है कल्पनाशीलता और नित नवीन संयोजन का सामर्थ्य।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Udayan Vajpayee Taposhi Ghoshal

दिल में तित्तू धड़के

अत्यंत रोचक बाल उपन्यास पोंचू नाम के बच्चे की मनःस्थिति, उसकी कल्पना और उसकी स्वाभाविक जिज्ञासा की मैजिक रिअलिस्ट कथा पेश करता है। पोंचू एक जोखिम भरे पर बड़े दिलचस्प सफ़र पर निकल जाता है और उसके साथ अनेक रोमांचक घटनाएँ घटती हैं। ये सफ़र जीवन यात्रा का रूपक बन कर पोंचू को बहुत कुछ सिखाता है जिसमें जानकारी तो होती ही है, अनुभव और भावनाओं के मेल से मिले सबक़ भी होते हैं। अपने वास्तविक जीवन में मानसिक रूप से त्रस्त पोंचू, यात्रा के ज़रिये अपना खोया आत्मविश्वास वापस पाता है और सहज रूप से विज्ञान (बायो मिमिक्री समेत) से भी रूबरू होता है। किताब का रूपांकन तथा शैली प्रयोगात्मक और आकर्षक है और फंतासी का खूबसूरत नमूना पेश करती है।

Unbound Script 2023 Shraddha Thwaite

एक था रामू

एक सत्य घटना पर आधारित यह मार्मिक कहानी इंसान और कुत्तों के बीच पनपने वाले प्यार के सरल-सपाट विवरण से दिल को छू लेती है।

जैसे कि कई सड़क के कुत्ते होते हैं, रामू जिजीविषा का प्रतीक है और पाठक को अपना बना लेता है। लेखक की कामकाजी व्यस्तताओं से समझौता कर, वह एक मूँगफली बेचनेवाले लड़के के पास भी समय बिताता है। जीवन की परिस्थितियाँ लेखक को गाँव वापिस ले जाती हैं और लौटने पर रामू उन्हें नहीं मिलता। पर उसकी याद उनके और पाठक के दिल में स्थाई जगह बना लेती है। लेखन शैली तथा चित्रांकन दोनों ही इस कहानी के सूक्ष्म भाव को यूँ पकड़ते हैं कि पाठक देर तक उस दुनिया में बना रहता है।

Jugnoo Prakashan (Ektara) 2024 Ashok Seksaria Nilesh Gehlot

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