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घर का रास्ता

कहानी के नायक का गाँव एक घना जंगल और नदी के पास है। उसे साप्ताहिक बाज़ार में घूमना अच्छा लगता है, लेकिन एक दिन बाज़ार से लौटते हुए रास्ता पकड़ने में देर हो जाती है। अधूरा अँधेरा और ताज़ा बारिश देखकर उसकी सिट्टीपिट्टी गुम हो जाती है।

इन सभी कठिनाइयों के बावजूद वह कैसे घर पहुँचता है, यही जानने के लिए यह सरल और सुंदर किताब श्वेता श्याम के चित्रों के साथ जीवंत बन उठती है।

Muskaan 2024 Indrasen Pawar Gagan Holkar