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सफ़रनामा : दौर-ए-कोरोना में ‘हवामहल’

महामारी के दौर में लोग घरों में बंद किए जा सकते हैं, लेकिन कहानियों को कभी कैद नहीं किया जा सकता। – प्रभात कुमार झा, बालबीती …

Navnit Nirav Parag Reads 8th April 2022

‘अलग’ और सामान्य का फर्क मिटाती ‘मेरी आँखें’

अपने आस-पास परिवेश में या कहें तो वयस्क दुनिया में ‘भिन्न या अलग’ होना कितना स्वीकार्य होता है? मानवीय सम्बन्धों के बनते स्वरूप, निवास, कार्य…

Navnit Nirav Parag Reads 2nd March 2022

प्यार से भरी एक किताब-“प्यार का पंख”

‘प्यार का पंख’ एक इजरायली कहानी है। जो मूल रूप से हिब्रू भाषा में 2017 में प्रकाशित हुई थी। इसे शिफ्रा हॉर्न ने लिखा है। शिफ्रा हॉर्न एक लोकप्रिय उपन्यासकार हैं…

Navnit Nirav Parag Reads 18th Febuary 2022

‘जीवन चक्र’ पर बात करतीं दो चित्र किताबें

जीव जगत हमेशा से लुभावना और रहस्यमयी लगता है। जीवन-सृजन एक जटिल प्रक्रिया भी। बच्चों के लिए इस विषय पर छिटपुट किताबें ही प्रकाशित हैं…

Navnit Nirav Parag Reads 13 August 2021

ghursawar

लोककथा सरीखी कहानियाँ और लेखों का अनूठा संकलन

उदयन वाजपेयी देश के शीर्ष रचनाकारों एवं कलामर्मज्ञों में से एक हैं। इधर हाल के वर्षों में उन्होने बच्चों के लिए लिखना शुरू किया है। उनकी रचनाएँ चकमक, साइकिल आदि पत्रिकाओं में पढ़ने को मिलती रहती हैं…

Navnit Nirav Parag Reads 03 July 2020

उड़ती चारपाई

“इटली की सच्ची परीकथा” … ‘उड़ती चारपाई’ किताब का यह उप- शीर्षक सहसा ही पाठक का ध्यान आकर्षित करता है। साथ ही मन एक संदेह से भर जाता है कि क्या परिकथाएं भी सच्ची हुआ करती हैं?…

Navnit Nirav Parag Reads 22 May 2020

गोदाम

यूँ तो किशोरों के लिए हिन्दी भाषा में विरले ही साहित्य रचा गया है। जो भी अब तक उपलब्ध रहा उन्हें कंटेन्ट और प्रस्तुतिकरण के आधार पर किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं माना जा सकता।

Navnit Nirav Parag Reads 17 April 2020

डर साझा किए जाने वाली बात है

विज्ञान कहता है कि एक पेड़ की कोई दो पत्तियां भी एक जैसी नहीं होतीं। उसी तरह बच्चे परिवार के हों या समाज के, उनका स्वभाव और व्यक्तित्व भी अलग-अलग ही होता है।

Navnit Nirav Parag Reads 17 January 2020

स्वीडिश रचनाओं का गुलदस्ता: खुल जा सिम सिम

स्वीडिश रचनाओं का गुलदस्ता: खुल जा सिम सिम

पिछले महीने मैं उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में अपने काम के सिलसिले में गया था। एक सरकारी विद्यालय की लाइब्रेरी में एक मज़ेदार किताब मेरे हाथ लगी

Navnit Nirav Parag Reads 27 December 2019

गिजुभाई के ख़जाने से आती गुजराती लोक कथाओं की खुशबू

गिजुभाई के ख़जाने से आती गुजराती लोक कथाओं की खुशबू

शिल्प और कथन के हिसाब से देखा जाय तो लोक-कथाएँ सम्पूर्ण जान पड़ती हैं। इन कहानियों को पहली पीढ़ी ने दूसरी पीढ़ी को, दूसरी ने तीसरी, तीसरी ने चौथी को सुनाया होगा…

Navnit Nirav Parag Reads 13 December 2019